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Showing posts from September, 2020

so close, yet feel scared।

Why it feels like so scary when you are developing feeling for some one? Why it feels like someone is not getting your feelings or will not respect your words when they know about your inner space? Is it from the past baggage or bound you get that wouldn't healed properly.

JUDGING Eyes in patriachal society.

Rohini Singh @rohini_sgh सुशांत सिंह मामले में सीबीआई जांच का क्या होगा वो जांच के बाद पता चलेगा। लेकिन रिया के साथ समाज-मीडिया जिस तरह का बर्ताव कर रहा है,उसकी चारित्रिक हत्या हो रही है,उससे समाज के अंदर छिपी सोच की गंदगी भी निकल कर सामने आ रही है,केस से इतर मैं समाज,औरत और इस सोच पर हैरान हूं।मेरी बात- रिया की मीडिया में बहुत बात हो रही। लेकिन मुझे समाज में उन महिलाओं से भी निराशा है जो रिया को डायन ,हत्यारिन,काला जादू करने वाली कहने वाली भीड़ के साथ लगी है। वे घर में अपनी बेटी के सामने रिया को कूलटा बता रही है। भूल रही है कि कभी उनकी बेटी भी "रिया"बनेगी। कभी किसी से प्यार करगी रिया ने क्या किया? प्यार किया। सब छोड़कर प्यार के पास रहने चली गयी। एक औरत ही समझ सकती है जब वह अपना सबकुछ छोड़कर किसी के पास जाती है तो उसस पहले किन हालात से गुजरती है। रिया उस दौर से गुजरी। प्यार बिछड़ गया। रिया ने उसे भी स्वीकार किया। वह हंसती रही उसकी मजबूती में समाज को कूलटा दिख गया। बेचारी होती तो पसंद आती। क्योंकि रिया नहीं हमें बेचारी चाहिए। क्या रिया की जगह राजेश होता तो क्या इतने सवाल होते...